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रक्षा मंत्री राजनाथ तीनों सेनाओं के प्रमुख संग की बैठक ,PMमोदी को दी जानकारी

नई दिल्ली
पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। गलवान घाटी में कल रात चीन और भारत के सेनाओं के बीच हिंसक झड़प में भारतीय सेना का एक अधिकारी और दो शहीद हो गए। इससे पैदा हुए हालात की समीक्षा के लिए दिल्ली में ताबड़तोड़ बैठकें चल रही हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो अहम बैठकें कर चुके हैं। माना जा रहा है कि इसके बाद वह खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हालात की जानकारी देने पहुंचे हैं।

चीन सीमा पर पैदा हुए हालात की समीक्षा के लिए राजनाथ सिंह ने आज शाम को एक बार फिर बड़ी बैठक की। इसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर, सीडीएस जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवाणे भी शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने दिन में भी एक बैठक की थी जिसमें सीडीएस के अलावा तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए।

इस बीच भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के डायरेक्टर जनरल एस एस देसवाल ने गृह मंत्रालय में एक बैठक में हिस्सा लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को ताजा हालात की जानकारी दी। आईटीबीपी गृह मंत्रालय के अधीन है और उसके पास चीन से लगी सीमा की सुरक्षा का जिम्मा है। आईटीबीपी के साथ सेना भी चीन सीमा पर तैनात है।

क्या है विवाद
उल्लेखनीय है कि 5 मई की रात ईस्टर्न लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीन और भारत के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प थी जिसमें दोनों तरफ के कई सैनिक घायल हो गए थे। इसके बाद से ही ईस्टर्न लद्दाख में चार पॉइंट्स पर गतिरोध जारी है। चीन ने वहां अपने सैनिकों की तादाद बढ़ानी शुरू कर दी और कई जगह टैंट गाड़ लिए, बंकर बना लिए और तोप सहित हेवी वीइकल भी तैनात कर दिए। भारत ने भी रिजर्व फोर्स को आगे भेजा। इस विवाद को खत्म करने के लिए 20 मई के बाद बातचीत का दौर शुरू हुआ। 3 जून को माहौल सकारात्मक बनाने के लिए गलवान वैली में एक पॉइंट्स से चीनी सैनिक कुछ पीछे गए।

फिर 6 जून को पहली बार भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई। जिसमें गतिरोध के पॉइंट्स की पहचान की गई। पैंगोंग सो एरिया से पीछ हटने को चीन तैयार नहीं हुआ और तय हुआ कि गलवान वैली और हॉट स्प्रिंग एरिया में गतिरोध के तीन पॉइंट्स में धीरे-धीरे सैनिकों को पीछे किया जाएगा।

15 जून की रात ही गलवान वैली में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई जिसमें भारतीय सेना ने एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए। चीन के भी तीन या इससे अधिक सैनिकों के मारे जाने की खबर है लेकिन अभी तक चीनी सेना ने इसकी पुष्टि नहीं की है। तनाव खत्म करने के लिए चीनी सेना के रिक्वेस्ट पर आज सुबह 7.30 बजे दोनों देशों के सीनियर मिलिट्री ऑफिसर्स के बीच बातचीत शुरू हुई।

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