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राज्यसभा: 19 सीटों पर वोट BJP-कांग्रेस में कितनी जीत रहा कौन

भोपाल  

गुजरात, राजस्थान में कांग्रेस और बीजेपी में कड़ा मुकाबला है। कर्नाटक की 4, तेलंगाना की दो और अरुणाचल की एक सीट पर विजेता तय हैं। पर आज के 19 सीटों में 8 पर जबरदस्त टक्कर होने की उम्मीद है। इन 19 सीटों में बीजेपी की 7 सीटों पर जीत तय है। राज्यसभा में बहुमत से दूर बीजेपी के नंबर इन चुनावों के बाद इस ऊपरी सदन में दोगुने होने की उम्मीद है। इस समय राज्यसभा में बीजेपी के 75 सांसद हैं जबकि कांग्रेस के 39। चुनाव के बाद बीजेपी के नंबर बढ़ने तय हैं। पहले राज्यसभा के 55 सीटों पर 26 मार्च को वोटिंग होनी थी लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। 55 में से 37 कैंडिडेट निर्विरोध चुन लिए गए थे।

मध्य प्रदेश में 3 सीट, 1 पर पेच
मध्य प्रदेश की दो सीटों पर बीजेपी-कांग्रेस आसानी से जीत जाएगी लेकिन पेच तीसरे सीट पर फंसा है। कांग्रेस से बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया और राज्य के दिग्गज कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह की जीत तय है। 206 सदस्यीय विधानसभा में विजेता को 52 वोट की जरूरत है। बीजेपी के पास 107 विधायक हैं और वह सिंधिया और सुमन सोलंकी को आसानी राज्यसभा पहुंचाएगी। बीजेपी को चार निर्दलीय, दो बीएसपी और एक एसपी के विधायक का भी समर्थन है। कांग्रेस के पास 92 विधायक हैं और एक सीट आसानी से जीत सकती है।

राजस्थान में कड़ी टक्कर
राजस्थान की 3 सीटों पर कड़ा मुकाबला है। कांग्रेस ने दो उम्मीदार उतारे हैं जबकि बीजेपी ने 3 कैंडिडेट उतारे हैं। यहां जीत के लिए 51 विधायकों के वोट की जरूरत होगी। 200 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के पास 72 विधायक हैं और उसे राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के 3 MLA का समर्थन हासिल है। कांग्रेस के पास 107 विधायक हैं और उसे भारतीय ट्राइबल पार्टी के 2 और 10 निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है। माना जा रहा है कि कांग्रेस के बड़े नाम केसी वेणुगोपाल आसानी से राज्यसभा पहुंच जाएंगे। कांग्रेस ने वेणुगोपाल के अलावा नीरज धांगी को भी खड़ा किया है। बीजेपी की तरफ से राजेंद्र गहलोत ओमकार सिंह लखावत हैं।

झारखंड में कांग्रेस फंसी
राज्य की दो सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। पूर्व सीएम शिबू सोरेन और बीजपी उम्मीदवार आसानी से राज्यसभा पहुंच जाएंगे। पर कांग्रेस को यहां चुनौती का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उसके उम्मीदवार शाहजादा अनवर के पास 5 वोट कम हैं। सत्ताधारी जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन के पास कुल 49 वोट हैं। एनडीए के पास दो निर्दलीय विधायकों को मिलाकर 30 वोट हैं और उसके उम्मीदवार दीपक प्रकाश की जीत तय है। जीत के लिए 26.33 वोट की जरूर है।

आंध्र में रेड्डी और नायडू में टक्कर
आंध्र प्रदेश में चार सीटों पर वोटिंग है। तीन सीटों पर तो उम्मीदवार आसानी से जीत जाएंगे लेकिन चौथे सीट पर वाईएसआर कांग्रेस और टीडीपी में कड़ी टक्कर होगी।

गुजरात में कड़ा मुकाबला
सबसे रोचक मुकाबला गुजरात में देखने को मिल रहा है। 182 सदस्यीय विधानसभा वाले गुजरात में बीजेपी ने यहां 3 कैंडिडेट उतारे हैं और उसे सभी को जीत दिलाने के लिए 105 वोटों की जरूरत है जबकि उसके पास 103 वोट ही हैं। कांग्रेस ने 2 उम्मीदवार उतारे हैं और उसे जीत के लिए 70 वोटों की जरूरत है जबकि उसके पास के केवल 65 वोट हैं। कांग्रेस ने शक्ति सिंह गोहिल और भरत सिंह सोलंकी को उतारा है जबकि बीजेपी ने अभय भारद्वाज, रामिलाबेन और नरहरि अमीन को खड़ा किया है।

मणिपुर में क्या होगा?
राज्य में राजनीतिक उठापटक मची हुई है। विधानसभा अध्यक्ष कांग्रेस के 7 विधायकों के अयोग्यता पर सुनवाई कर रहे हैं। यहां एक सीट पर वोटिंग है। बता दें कि मणिपुर में सत्तारूढ़ गठबंधन के 9 MLA के इस्तीफे के बाद एन बिरेन सिंह सरकार के खिलाफ विपक्षी दल कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग ने चुनाव को और रोचक बना दिया है। यहां बीजेपी ने लेसिम्बा सानाजाओबा को खड़ा किया है जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार टी. मंगी बाबू हैं।

मेघालय में किसकी जीत?
राज्य में एक सीट पर वोटिंग है। सत्तारूढ़ मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस के उम्मीदवार डब्ल्यू आर खारलुखी के पास 40 विधायकों का समर्थन है जबकि कांग्रेस के पास 60 सदस्यीय विधानसभा में केवल 19 विधायक हैं।

मिजोरम की 1 सीट पर कौन मारेगा बाजी?
राज्य में मिजो नैशनल फ्रंट ने के वनलवेना, जोरम पीपुल्स मूवमेंट ने बी लाछाजोवा और कांग्रेस ने डॉ लालाचुंगा को उम्मीदवार बनाया है। 40 सदस्यीय विधानसभा में मिजो नैशनल फ्रंट के पास 27 विधायक हैं। ZPM के पास 7, कांग्रेस के पास 5 और बीजेपी के पास एक विधायक हैं।

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