उत्तर प्रदेशराज्य

रेकॉर्ड रूम में बंद हैं प्रेग्नेंट बच्चियों के बैक हिस्ट्री दस्तावेज, मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत निकाले जाएंगे

कानपुर
शेल्टर होम में 7 प्रेग्नेंट संवासिनी मिलने का मामला बढ़ता जा रहा है। इनमें से 5 गर्भवती लड़कियां कोरोना पाॉजिटिव भी हैं। शेल्टर होम की 17 साल की दो बच्चियां कोरोना संक्रमण के साथ ही साथ एचआईवी और हेपेटाइटिस सी के संक्रमण से जूझ रही है। जब इस पूरे मामले को सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान में लिया तो जिला प्रशासन हरकत में आ गया। 

रेकॉर्ड रूम से निकाले जाएंगे दस्तावेज
कानपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शेल्टर होम में आने वाली लड़कियां पहले से ही गर्भवती थीं। संक्रमित लड़कियों की बैक हिस्ट्री के दस्तावेज शेल्टर होम के रेकॉर्ड रूम में रखे हैं। शेल्टर होम को सील कर दिया गया है, अब मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत रेकॉर्ड रूम से दस्तावेज निकाले जाएंगे। स्वरूप नगर स्थित राजकीय बालगृह से 57 बालिकाओं में संक्रमण पाया गया है। शेल्टर होम की पूरी बिल्डिंग सील कर दी गई है। स्टाफ समेत जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है उन्हें क्वारंटीन कराया गया है। रविवार को जब मुख्यमंत्री ने शेल्टर होम में मिली गर्भवती बच्चियों के मामले को संज्ञान में लिया तो जिला प्रशासन के अधिकारियों समेत स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप में मच गया।

शेल्टर होम में कैसे पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
शेल्टर होम एक बच्ची बुखार और सीने में जकड़न से पीड़ित थी। शेल्टर होम के स्टाफ ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने उस बच्ची का कोरोना टेस्ट कराया था । बीते 14 जून को बच्ची की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शेल्टर होम के स्टाफ और वहां रहने वाली संवासिनियों समेत 145 लोगों के सैंपल लिए थे।

तीन दिन तक लिए गए सैंपल
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शेल्टर होम से 145 लोगों के सैंपल लिए थे जिसमें पहली रिपोर्ट बीते 17 जून को आई थी जिसमें 33 संवासिनियों में कोरोना की पुष्टि हुई थी । 18 जून को कोविड-19 लैब से दूसरी रिपोर्ट में 17 संवासिनी कोरोना पॉजिटिव मिली थीं। बीते 19 जून को देर रात आई रिपोर्ट में 8 बच्चियों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। शेल्टर होम से 57 संवासिनी कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद बिल्डिंग को एक दिन बाद सील किया गया था ।

गर्भवती होने की पुष्टि हुई
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संक्रमित 57 संवासिनियों को रामा मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया था। वहां डॉक्टरों की जांच में पता चला कि इनमें से 5 संवासिनी प्रेग्नेट है। 17 साल की दो बच्चियां 8 महीने की प्रेग्नेंट हैं जिसमें से एक गर्भवती बच्ची एचआईवी पॉजिटिव है और दूसरी गर्भवती बच्ची हेपेटाइटिस सी से भी संक्रमित है। कोरोना के संक्रमण के साथ ही एचआईवी और हेपेटाइटिस सी से ग्रस्त होने से रामा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों में हड़कंप मच गया। दोनों गर्भवती बच्चियों को हैलट रेफर कर दिया गया। कानपुर एसएसपी दिनेश कुमार पी ने रविवार को स्पष्ट किया कि संक्रमित दोनों गर्भवती बच्चियां शेल्टर होम आने से पहले ही प्रेग्नेंट थी। एक बच्ची को 3 दिसंबर और दूसरी बच्ची को 13 दिसंबर 2019 को शेल्टर होम भेजा गया था जिसमें से एक बच्ची आगरा और दूसरी कन्नौज की रहने वाली है। आगरा और कन्नौज में आरापियों में खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई थी।
 

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