बिहारराज्य

वाल्मीकिनगर जंगल में मुठभेड़ में चार नक्सली ढेर, AK- 56 और एसएलआर समेत कई हथियार बरामद

बेतिया                                                                                                                                                                                  
पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना क्षेत्र स्थित दोन जंगल में शुक्रवार तड़के मुठभेड़ में एसएसबी व एसटीएफ की संयुक्त टीम ने चार नक्सलियों को मार गिराया। लौकरिया थाना क्षेत्र के चाौथापानी में हुए इस मुठभेड़ में एक एके-56, तीन एसएलआर और एक रायफल के अलवा कई असलहे भी बरामद किये गये हैं।  इस कार्रवाई में एक इंसपेक्टर ऋतुराज समेत दो लोग भी जख्मी हो गए। हालांकि दोनों खतरे से बाहर है। जंगल में और नक्सलियों के छिपे होने की आशंका पर शाम तक सर्च अभियान चलाया जाता रहा है। इसके लिए मुख्यालय से अतिरिक्त बल घटनास्थल पर भेजा गया है। कार्रवाई में भीषण बारिश और उफनाती पहाड़ी नदियां रोड़े अटका रही है। यद्यपि आला अफसरों को उम्मीद है कि मिशन पूरा होने पर कुछ और बड़ी उपलब्धि अभियान से जुड़ेगी। तत्काल पुलिस टीम ने चारों शवों की पहचान कर ली है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भी भेज दिया गया है।   ​   

एसएसबी के फ्रंटियार आईजी संजय कुमार ने बताया कि शुक्रवार तड़के एसएसबी की सैट (स्मॉल एक्शन टीम जिसमें 22 सदस्य हैं) और स्थानीय एसटीएफ को नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई में बड़ी सफलता मिली। संयुक्त टीम ने चार नक्सलियों को मार गिराया है। एके सीरीज की एक, एसएलआर की तीन और एक अन्य रायफल भी बरामद की गई है। मारे गए नक्सलियों में आलोक राम उर्फ विपुल शिवहर का रहने वाला था। तिरहुत के हार्डकोर नक्सलियों में यह दूसरे रैंक का नक्सली माना जाता रहा है। दरभंगा का अमर लाल उर्फ नकुल उर्फ देव, समस्तीपुर का दीपक उर्फ किरण, वाल्मीकिनगर का छोटू महतो उर्फ सोनू को भी टीम ने मार गिराया है। विपुल वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र की चम्पापुर गनौली पंचायत के पूर्व मुखिया मनोज सिंह की हत्याकांड में जेल से जमानत पर हाल में छूटा था।​                                                                                                               

मध्य रात्रि से शुरू हुआ ऑपरेशन, प्रहार के भाग निकलने की चर्चा
एसएसबी को बगहा के जंगलों में नक्सली गतिविधि की गुप्त सूचना मिली। इसके बाद वरीय अधिकारियों के निर्देशन पर एक टीम का गठन किया गया है जिसकी कमान बगहा के एएसपी अभियान डिप्टी कमांडेंट नरपत सिंह को सौंपी गई। टीम में स्थानीय एसटीएफ और स्थानीय थाने के थानेदार को भी शामिल किया गया। मध्य रात्रि के बाद सैट ने जंगल की घेरबंदी की।  नक्सलियों को इसकी भनक लग गई। करीब आयी सैट पर नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। पूरा जंगल गोलियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।   सुबह करीब चार से पांच बजे के बीच सैट ने चार नक्सलियों को मार गिराने में सफलता पायी। बताया जा रहा कि तिरहुत पश्चिम जोनल कमेटी का प्रमुख सदस्य रामबाबू राम उर्फ प्रहार मुठभेड़ के बीच अपने कुछ साथियों के साथ भागने में सफल रहा।   
सर्च ऑपरेशन के लिए भेजा गया अतिरिक्त बल
चम्पारण रेंज के डीआईजी ललन मोहन प्रसाद ने बताया कि नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। आशंका है कि कुछ और नक्सलियों को टीम ने मार गिराने में सफलता पायी है। कुछ के घायल हालत में छिपे होने की भी सूचना है। सबकी तलाश की जा रही है। अतिरिक्त बल भी घटनास्थल पर भेजा गया है। पूरे अभियान पर मुख्यालय की टीम की भी नजर बनी हुई है।                                                      बारिश के बीच चार पहाड़ी नदियों को पार कर पहुंचे
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो भारी बारिश से ऑपरेशन में जवानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। रास्ते में उफनाती चार पहाड़ी नदियों की वजह से जवानों को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। यहां बता दे कि सैट को इन परिस्थितियों में अभियान को संचालित करने के लिए पूर्व से ही ट्रेंड कर रखा जाता है। सफलता उसी का परिणम बताया जा रहा है।                                                                                                                                                                                                                                                                     
 

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