राजनीतिक

विधायक जी को बर्दाश्त नहीं 40 डिग्री, पर गहलोत के लिए सुरक्षित जगह

 
जयपुर 

 कुछ ही दिन पहले तक जयपुर की लग्जरी होटल में मेहमाननवाजी का लुत्फ उठाने वाले कांग्रेस विधायक अब सुरक्षित पनाह की तलाश में राजस्थान के रेगिस्तान तक पहुंच गए हैं. गर्मी इतनी की 2 विधायकों की तबीयत खराब हो गई तो डॉक्टर बुलाना पड़ गया.

विधायक जी को बर्दाश्त नहीं 40 डिग्री
जैसलमेर में शनिवार सुबह 12:00 बजे ही तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया था. ऐसे में दो विधायकों की तबीयत खराब हो गई. कहा जा रहा है कि कई विधायकों को घबराहट महसूस हो रही है. पिछले 6 महीने से जैसलमेर के सारे होटल बंद पड़े हुए थे. ऐसे में अचानक जब सूर्यगढ़ फोर्ट को कहा गया कि सभी 90 कमरों को रहने के लायक किया जाए तो जल्दबाजी में सभी कमरों की एसी भी ठीक नहीं की जा सकी. कमरों की मरम्मत और रंग रोगन किया ही जा रहा था कि सीएम अशोक गहलोत अपने विधायक बचाने यहां पहुंच गए. कहा जा रहा है कि विधायक परेशान हैं. अशोक गहलोत विधायकों के साथ ही हैं. उन्हें सुबह जयपुर वापस आना था, मगर विधायकों के रहने-खाने का इंतजाम करने के बाद ही वे यहां से निकल पाएं.

हालांकि बातचीत में विधायकों ने कहा कि उन्हें इतने तापमान में काम करने की आदत है, इसलिए कोई परेशानी नहीं है. विधायकों ने कहा कि हम अपने कमरों में रह रहे हैं इसलिए गर्मी की कोई बात नहीं है. 2 विधायकों को मामूली तकलीफ हुई थी जिसके लिए डॉक्टर बुलाए गए थे. हालांकि विधायकों ने कहा है कि गर्मी अगर इसी तरह से बनी रहे तो 5 अगस्त के बाद इन्हें कहीं दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए.

रिस्क नहीं लेना चाहते हैं गहलोत
मगर सीएम अशोक गहलोत इस वक्त कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं क्योंकि उदयपुर और माउंट आबू गुजरात से सटा हुआ है. वहां उन्हें अपने विधायकों पर डोरे-डाले जाने का डर है. जबकि रणथंभौर मध्य प्रदेश से सटा हुआ है. जोधपुर में ले जाने पर बहुत सारे विधायकों के परिवारवाले वहां मिलने आ जाएंगे जिससे सचिन पायलट गुट या बीजेपी के तरफ से किसी ऑफर के पहुंच जाने का खतरा है.
 
क्यों महफूज है सूर्यगढ़ किला
सूर्यगढ़ फोर्ट जैसलमेर शहर से 18 किलोमीटर दूर रेगिस्तान में है. यहां पर मोबाइल का सिग्नल भी काफी कम आता है इसके लिए ऊपर छत पर जाना पड़ता है. लिहाजा मोबाइल और इंटरनेट से संवाद का कोई डर नहीं है. आसपास दूर-दूर तक कोई आबादी नहीं है. इसके बावजूद जयपुर के दो डीसीपी स्तर के पुलिसकर्मियों समेत करीब 6000 पुलिसकर्मी पूरे जैसलमेर शहर में लगाए गए हैं. सरकार पूरी तरह से पुख्ता इंतजाम किए हुए है कि कहीं से भी बीजेपी या सचिन पायलट गुट की तरफ से कोई भी इनसे संपर्क नहीं कर पाए.
 

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