छत्तीसगढ़

विस में अनुपूरक बजट पारित ,केंद्र पैसा नहीं देगा तो भी किसानों को पांच साल देंगे 2500

रायपुर
 विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच तीखी बहस के बाद सरकार की ओर से पेश अनुपूरक बजट पारित हुआ.  इसके पहले तीसरे दिन की चर्चा में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विपक्ष पर जमकर हमला किया. उन्होंने कहा कि केंद्र हमें राशि नहीं देगा तब भी हम पूरे 5 साल हम किसान को 2500 रुपए देंगे. किसानों को फांसी पर नहीं लटकने देंगे. आपकी नजर में बिल्डिंग विकास है, लेकिन हमारी नजर में किसान हैं, हमारी नजर में आदिवासी हैं, हमारी नजर में महिलाएं हैं.

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि हम कोरोना काल में हैं. पूरी दुनिया परेशान है कि कैसे पीड़ित को राहत पंहुचाई जाए. कोरोना ने प्रभावित नही किया बल्कि सामाजिक, आर्थिक राजनीतिक हालात ने सभी को प्रभावित किया. अचार विचार ने सबको प्रभावित किया. डर भय का वातावरण, अर्थव्यवस्था प्रभावित, चिमनी बंद, काम बंद. ऐसे समय मे महापुरुषों के सेवा भाव को अपनाया. गाय, गांव और गांधी को अपनाया. लॉकडाउन के बाद दूसरे शहर जो गए, उनका क्या होगा. ऐसी स्थिति में समाज के लोग आगे आये. सभी सामाजिक संगठनों ने आगे बढ़कर काम किया.

उन्होंने कहा कि हर विभाग ने कोरोना काल में खूब काम किया, जितनी तारीफ की जाए कम है. स्वास्थ्य विभाग ने जान जोखिम में रखकर काम किया. 24 घंटा काम किया. हमने नहीं कहा कि 13 योद्धा हैं. जिस समय आप ताली बाजवा रहे थे, अमरजीत 56 लाख परिवारों के लिए खाना की व्यवस्था करवा रहे थे. जब आप थाली बाजवा रहे थे, तब महिला एवमं बाल विकास मंत्री सूखा राशन पहुंचाने की व्यवस्था कर रहे थे. जब आप बत्ती जलवा रहे थे, तब परिवहन मंत्री  और कृषि मंत्री ये चिंता कर रहे थे कि कैसे गांव से सब्जी शहर तक आये.

भूपेश बघेल ने कहा कि लॉकडाउन में लघु वनोपज की 99 प्रतिशत खरीदी हुई. लॉकडाउन के समय जब आप पर डांस कर रहे थे, पंचायत विभाग मंत्री और तमाम लोग मनरेगा का काम करवा रहे थे. लॉकडाउन में खदान बंद करने का दबाव था. कोयले और दूसरे खदान को बाधित नहीं होने दिया. देश को बिजली मिलती रही. हर कोई छत्तीसगढ़ आना चाहते थे. 28 हज़ार बाहर गए तो 7 लाख वापस आए. जिसे आपके नेता ने असफलता का स्मारक कहा उसी ने लोगों को रोज़ी दिलाई. धान के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के लिए केंद्र ने अनुमति नहीं दी इसलिए राजीव गांधी न्याय योजना लाये.

मुख्यमंत्री ने कहा कि 6 महीने के भीतर कुपोषण कम हुआ. मलेरिया के खिलाफ घर-घर जाकर अभियान चलाया. हमारी नज़र में व्यक्ति का विकास है. ५ महीने हो गए, जीएसटी की फूटी कौड़ी नहीं आई. 2828 करोड़ आ जाता तो कर्ज की जरूरत नहीं थी. वो हमारा पैसे थे. पैसे नहीं आएंगे तो क्या करेंगे. आपने जीएसटी एक्ट बनाया, क्या मिला. 30 हजार करोड़ मांगा, लेकिन जवाब नहीं आया. आप मुझसे बेहतर अर्थव्यवस्था जानते हैं. हमने कहा कि हमारा ब्याज माफ कर दो, क़िस्त माफ कर दो. लेकिन उसके बाद भी काम कर रहे हैं. व्यवसाय बंद हो गया, काम बंद हो गया, लेकिन छत्तीसगढ़ में होने नहीं दिया. इस बीच में बहुत से लोग परेशान हुए. हम सोचते हैं कि कैसे मदद करें. भारत सरकार मदद करे तब. किसान सम्मान निधि 500 रुपये देती है. हम गोबर में प्रति व्यक्ति 800 रुपये दे रहे हैं.

अजय चंद्राकर का फ्रस्ट्रेशन हम लोग झेलेंगे

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विपक्ष के नेता अजय चंद्राकर पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि गीदड़ कौन है, ये खोज का विषय है. अजय फ्रस्ट्रेशन निकाल रहे थे. नेता प्रतिपक्ष बनना था, लेकिन धरमलाल कौशिक बन गए. फिर प्रदेश अध्यक्ष की बारी आई, तो वहां भी विष्णु देव आ गए तो फ्रस्ट्रेशन निकले कहां. हम लोग झेलेंगे. फिर नसीहत देते हुए कहा कि ऊर्जा बचाकर रखिये रमन सिंह की तरह. बहुमत न हो तब भी नेता बना देते हैं. ये कला आपको सीखनी पड़ेगी.

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