राजनीतिक

शंकर सिंह वाघेला ने छोड़ा NCP का दामन

अहमदाबाद
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राष्ट्रीय महासचिव पद से शंकर सिंह वाघेला (Shankersinh Vaghela) ने इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी की सदस्यता भी छोड़ दी है। इस बात की जानकारी देते हुए उन्होंने एनसीपी के मुखिया शरद पवार को एक पत्र लिखा है। वाघेला गुजरात में एनसीपी चीफ के पद पर जयंत पटेल उर्फ बोस्की की नियुक्ति की वजह से नाराज चल रहे थे। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा दिया है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सक्रिय सदस्य रहे शंकर सिंह वाघेला भारतीय जनता पार्टी (BJP) में भी कई जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वर्ष 1995 में जब केशुभाई को सीएम की कुर्सी दे दी गई थी तो वाघेला ने विद्रोह कर दिया था। बाद में वाघेला के करीबी को मुख्यमंत्री की कुर्सी दी गई थी। 1996 में लोकसभा चुनाव में हार के बाद शंकर सिंह वाघेला ने बीजेपी छोड़ दी थी।

वाघेला ने लिखा यह पत्र
अपने पत्र में शंकर सिंह वाघेला ने लिखा है, 'मैं इस बात के लिए आभार व्यक्त करता हूं कि आप (शरद पवार) प्रफुलभाई पटेल के साथ अहमदाबाद आए थे और मुझे वर्ष 2019 में एनसीपी जॉइन कराई थी। इसके साथ ही आपने मुझ पर विश्वास रखते हुए एनसीपी के राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी थी। फिर मुझे गुजरात में एनसीपी को मजबूत करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष का पद भी दिया गया।'

'…और मैं इस पद से इस्तीफा देता हूं'
आगे शंकर सिंह वाघेला ने लिखा, 'मैंने पूरी निष्ठा के साथ, अपनी पूरी क्षमता के साथ, लंबे राजनीतिक अनुभव और पारदर्शी प्रणाली के जरिए तालुका स्तर से जिला स्तर तक के कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की। बहरहाल, राज्य में अब एनसीपी का अध्यक्ष बदल दिया गया है और इस नई राजनीतिक करवट की वजह से पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है। इन सब चीजों को देखते हुए मैं पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देता हूं।'

फिर वाघेला ने जॉइन की थी एनसीपी
शंकर सिंह वाघेला ने वर्ष 2017 में गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले जन विकास मोर्चा नाम से संगठन तैयार किया था। हालांकि, संगठन चुनाव आयोग में पंजीकृत नहीं हो पाया। इसके बाद उन्होंने अखिल भारतीय हिंदुस्तान कांग्रेस पार्टी के टिकट पर 95 प्रत्याशियों को उतारा था। इस चुनाव में वह एक भी सीट नहीं जीत सके थे। इसके बाद शंकर सिंह वाघेला एनसीपी में शामिल हो गए थे।

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