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शिवपुरी इंजीनियरिंग कॉलेज को आधुनिक तकनीकी सुविधा युक्त बनाएं- श्रीमती सिंधिया

भोपाल

खेल एवं युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने बुधवार को शिवपुरी इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नोलॉजी का भ्रमण किया। उन्होंने कहा है कि कॉलेज को तकनीकी सर्वसुविधायुक्त बनाया जाए। इसके लिए बेहतर कार्य करें, जिससे कि शिवपुरी इंजीनियरिंग कॉलेज को एक मॉडल बनाया जा सके, जिसमें न केवल शिवपुरी और मध्यप्रदेश के छात्र छात्राएं पढ़े बल्कि अन्य प्रदेशों के छात्र-छत्राएँ भी आकर प्रवेश लें। इसके लिए पूरा प्लान तैयार करें।

उन्होंने कॉलेज के निर्माण कार्य की गुणवत्ता के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एक माह की समय-सीमा निर्धारित कर फिनिशिंग का काम पूरा करें। कार्य मे गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने सभी अधिकारियों से चर्चा कर कॉलेज में मॉडर्न लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासेस, अच्छे इक्विपमेंट और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इसमें कौनसी स्ट्रीम को शुरू किया जाना है और उसी के अनुसार फैकल्टी की नियुक्ति होना है।

इस दौरान प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा केरोलिन खोंगवार, आयुक्त पी नरहरि, कौशल विकास विभाग संचालक धनराजू एस, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्विद्यालय के वीसी सुनील गुप्ता और कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि शिवपुरी में 25 एकड़ के क्षेत्र में इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण किया गया है। लगभग 40 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में बिल्डिंग निर्माण कार्य हो गया। मंत्री श्रीमती सिंधिया ने कहा कि शिवपुरी इंस्टीटयूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी को सर्व सुविधा युक्त बनाकर बच्चों को बेहतर तकनीकी शिक्षा प्रदान करने का उद्देश्य है। इसके लिए योजना बनाकर काम किया जाएगा इसी उद्देश्य से आज अधिकारियों के साथ भ्रमण कर जानकारी ली गई है।

स्टूडेंट के रुझान के अनुसार काम किया जाए

शिवपुरी जिले में पॉलिटेक्निक कॉलेज, आईटीआई, मेडिकल कॉलेज एवं शिवपुरी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग कॉलेज की सुविधा दी जा रही है। शिवपुरी के बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं ताकि उन्हें बाहर जाकर परेशान न होना पड़े। हमें इस क्षेत्र में और बेहतर करने की जरूरत है, बेहतर अवसंरचना तैयार होने के साथ ही अच्छी शिक्षा और कौशल विकास से ही युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है, जिससे भविष्य में उन्हें रोजगार के अवसर मिले। खेल एवं युवा कल्याण तकनीकी शिक्षा मंत्री श्रीमती सिंधिया ने स्कूल एवं कोचिंग संचालक इसमें भागीदारी करें ताकि बच्चों के रुझान के अनुसार काम किया जा सके। उन्होंने सभी से कहा है कि इसका डाटा उपलब्ध कराएं ताकि इस क्षेत्र में अच्छा काम किया जा सके। उन्होंने इस संबंध में सभी से सुझाव भी मांगे। उन्होंने कहा है कि विभिन्न संस्थानों एवं स्कूल कोचिंग के बीच कम्युनिकेशन विकसित किया जाए। स्कूल में बच्चों को जागरूक कर विभिन्न कोर्स की जानकारी दी जाए जिससे कि बच्चे अपनी रूचि के अनुसार अपने आगे की पढ़ाई के लिए कोर्स का चयन कर सके।

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