विदेश

शी जिनपिंग डर गए कवि और कविता से भी ? इस्तीफा मांगने पर जेल में डाला

बीजिंग
बम, बंदूक और तोप की ताकत पर गुरुर करने वाले चीन की हालत यह है कि यहां कोई सरकार के खिलाफ दो शब्द बोल दे या लिख दे तो सत्ता बेचैन हो उठती है। आवाज उठाने वाले पर इस तरह के जुल्म किए जाते हैं कि दूसरे लोग मुंह खोलने से डरें। हाल ही में चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग से कविता के जरिए इस्तीफा मांगने वाले कवि झांग गुइकी के साथ भी अब यही हो रहा है। लु यांग के नाम से प्रसिद्ध कवि झांग को 'सर्वोच्च सत्ता के खिलाफ लोगों को भड़काने' के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। झांग का कसूर यह था कि उन्होंने पिछले महीने एक कविता ऑनलाइन पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने शी से इस्तीफे की मांग की थी हैं। उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार पर निरंकुश होने का आरोप लगाया था। 

झांग की पत्नी ने कहा कि उनके पति को उस वीडियो की वजह से गिरफ्तार किया गया है जो उन्होंने विबो पर अपलोड किया था। वीडियो में झांग ने इस पर पर जोर दिया था कि जिनपिंग इस्तीफा दें और निरंकुश कम्युनिस्ट सरकार को सत्ता से हटा दिया जाएगा। झांग को 13 मई को हिरासत में लिया गया था और आधिकारिक रूप से 19 जून को उनपर आरोप लगाए गए हैं। चीन में नागरिक अधिकारों के लिए वकालत करने वाले एक वकील शू झियोंग को भी सोमवार (22) जून को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने फरवरी में लिखे एक निबंध में शी के नेतृत्व की आलोचना की थी। झांग के वीडियो को लेकर चीन के फ्रीलांस जर्नलिस्ट यांग जिली ने वॉइस ऑफ अमेरिका से कहा कि उन्हें इस तरह का कोई संदेश जारी करने करने से पहले परिणाम का पता होगा और सजा के लिए तैयार होंगे। यांग ने कहा कि वीडियो किसी बुद्धिजीवी की मानसिकता को प्रकट करता है। रेडियो ताइवान इंटरनेशनल के मुताबिक, झांग का जन्म 1971 में शांदोंग में हुआ था और कई सालों तक लिओशेंग फॉरेन लैंग्वेज स्कूल में पढ़ चुके हैं। वह इंडिपेंडेंट चाइनीज पेन सेंटर (आईसीपीसी) के सदस्य भी हैं। संस्था ने कवि को तुरंत रिहा करने की मांग की है।
 

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