विदेश

शेर की हड्डियों से चीन में बनी दवा और शराब, फैल सकती है एक और महामारी!

पेइचिंग
चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस के कहर से पूरी दुनिया बेहाल है और अब तक 435,177 हजार लोग इस महामारी से मारे जा चुके हैं। कोरोना से दुनियाभर में अर्थव्‍यवस्‍था तबाही की कगार पर पहुंच गई है और करोड़ों लोग बेरोजगार हो गए हैं। इस बीच विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि चीन में अवैध रूप से शिकार करके शेरों की हड्ड‍ियों से बनाई जाने वाली 'दवा', शराब और जूलरी से विश्‍वभर में एक और महामारी पैदा हो सकती है।

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण अफ्रीका से हैरान कर देने वाली रिपोर्ट सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका के 333 फार्म में हजारों शेरों को पैदा किया जाता है। इन शेरों को या तो चारों तरफ से बाड़ से घिरे परिसर के अंदर शिकारी या तो शिकार कर देते हैं या हड्डि‍यों के लिए उन्‍हें मार दिया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक शेरों की हड्डियों का करोड़ों रुपये का कारोबार होता है और यह बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है।

परंपरागत दवाओं को बनाने में होता है इस्‍तेमाल
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में परंपरागत दवाओं को बनाने में इस्‍तेमाल की जाने वाली शेर की हड्ड‍ियों की मांग काफी बढ़ गई है। शेर की हड्डियों से चीनी शराब और आभूषण भी बनाते हैं। यही नहीं इन शेरों को ऐसी परिस्थितियों में रखा जाता है जिससे इंसानों में टीबी और बोटूलिज्‍म जैसी प्राणघातक बीमारियां महामारी का रूप से ले सकती हैं।

रूस के पैसे वाले शिकारी कुत्‍तों की मदद से अवैध रूप से श‍िकार करते हैं और बाड़ से घिरे परिसर के अंदर शेरों का शिकार करते हैं। कुछ शेरों की हड्ड‍ियों को निकाल लिया जाता है जबकि वे जिंदा रहते हैं। जोहानिसबर्ग में खुलेआम शेरों की खोपड़ी और चमड़ी बेची जाती है। अनुमान है कि करीब 12 हजार शेर यहां लोगों के कब्‍जे में हैं जबकि जंगलों में केवल 3 हजार शेर हैं। पैसे वाले शिकारी शेरों के शिकार के लिए करोड़ों रुपये तक देते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close