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संक्रमण को रोकने के लिए लिया फैसला , दिल्ली में कोरोना मरीज के संपर्क में आए हर व्यक्ति की होगी जांच

 नई दिल्ली 
कोरोना मरीज के संपर्क में 15 मिनट रहने वाले हर व्यक्ति की कोरोना जांच होगी। फिर उसके अंदर चाहे कोई लक्षण हो या नहीं। केंद्र के निर्देश पर दिल्ली स्वास्थ्य निदेशालय ने बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए यह फैसला लिया है। यही नहीं होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना मरीज के परिवारवालों की भी कोरोना जांच अनिवार्य किया है।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए दिल्लीभर में घर-घर सर्वे का काम शुरू हो गया है। सर्वे के दौरान लोगों के बारे में जानकारी लेने के साथ ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है। जो पहले किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में रहे हो जिसे बाद में कोरोना हुआ हो। उन सभी लोगों को नजदीकी सरकारी डिस्पेंसरी में जांच कराया जाएगा। जिससे यह पता चल सके कि उन्हें कोरोना तो नहीं है। दिल्ली में 34.44 लाख से अधिक घर है।

दिल्ली स्वास्थ्य निदेशालय की महानिदेशक डॉ. नूतन मुंदेजा के मुताबिक सर्वे में जांच वाली दो श्रेणी बनाई जा रही है। पहला ऐसे लोग जो किसी भी उम्र के हो अगर किसी कोरोना ऐसे व्यक्ति के संपर्क में 15 मिनट जिसे बात में कोरोना हुआ है तो उसे हाई रिस्क श्रेणी में डाला जाएगा। उसकी तुरंत जांच की जाएगी। दूसरा श्रेणी में वह जो सीधे संपर्क में तो नही है मगर आस-पास रहते है उन्हें कम रिस्क वाली श्रेणी में रखा जाएगा। उनपर निगरानी बढ़ाई जाएगी। 

होम आइसोलेशन में रहे मरीजों के परिजनों की होगी जांच
स्वास्थ्य निदेशालय ने कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे कोरोना मरीज के परिवार वालों का अनिवार्य रूप से कोरोना जांच होगी। जो मरीज से सीधे संपर्क में हो जैसे जो उनके कपड़े धुलता हो, बर्तन साफ करता है उसे हाई रिस्क में डालकर जांच की जाएगी। जो साथ रहता है मगर संपर्क में नहीं है। उसमें कोई लक्षण नहीं है तो उसे कम रिस्क वाली श्रेणी में डालकर कोरोना मरीज आने के बाद 5वें या 10वें दिन कोरोना जांच की जाएगी दिल्ली में 13 हजार से अधिक लोग होम आइसोलेशन में रह रहे है।

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