भोपालमध्यप्रदेश

सनकी हत्‍यारे उदयन दास को उम्रकैद की सजा

भोपाल
मध्‍य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सनकी सीरियल किलर को आखिरकार कानून ने सजा दे दी. सनकी हत्‍यारे उदयन दास की कारगुजारियों को सिर्फ सुनकर ही लोग दहशत में आ जाते थे. अब पश्चिम बंगाल की एक अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है. उदयन दास ने प्रेमिका की हत्‍या कर शव को घर में ही दफना दिया था और उस पर एक चबूतरा बना दिया था, ताकि उसपर कोई शक न करे. इतना ही नहीं, उसने अपने मां-बाप की हत्‍या कर पुराने घर के बगीचे में दोनों की लाश को दफना दिया था. इस दोहरे हत्‍याकांड को उसने छत्‍तीसगढ़ में अंजाम दिया था.

उदयन दास का मामला मध्य प्रदेश में बहुचर्चित रहा था. इस मामले के तार जब छत्तीसगढ़ से जुड़े तो हर तरफ इसकी चर्चा होने लगी. उदयन ने जुलाई 2016 में अपनी प्रेमिका आकांक्षा शर्मा की भोपाल के साकेत नगर स्थित घर में हत्या कर दी थी. हत्या के बाद उसने लाश को एक बॉक्‍स में रखकर बेडरूम के अंदर गाड़ दिया था और उस पर कंक्रीट का चबूतरा बना दिया था. उदयन दास ने अपने माता-पिता की 2010 में रायपुर में घर में ही हत्‍या कर उनके शवों को बगीचे में दफना दिया था. हत्‍या की ये दोनों घटनाएं क्रमश: भोपाल और रायपुर में हुई थीं, लेकिन उसके खिलाफ एफआईआर पश्चिम बंगाल में दर्ज की गई थी. यही कारण है कि इस पूरे मामले की सुनवाई बंगाल में हुई. लंबी अदालती कार्रवाई के बाद बंगाल के बांकुड़ा के फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उदयन दास को उम्रकैद की सजा सुनाई है.

साल 2007 में सोशल मीडिया के जरिए उदयन दास आकांक्षा शर्मा के संपर्क में आया था. उसने आकांक्षा से झूठ बोला कि वह अमेरिका में काम करता है. उदयन के झांसे में आकर आकांक्षा ने बंगाल के बांकुड़ा के घर को जून 2016 में छोड़ दिया था और दिल्ली में उदयन से मुलाकात की थी. इसके बाद दोनों भोपाल पहुंचे और लिव इन रिलेशन में रहने लगे. उदयन की असलियत उजागर होने पर उनके रिश्ते में खटास आ गई. दोनों के रिश्‍ते इस हद तक खराब हो गए कि 27 दिसंबर 2016 को उदयन ने आकांक्षा की हत्या कर दी. पुलिस ने उदयन को 2 फरवरी 2017 को भोपाल के साकेत नगर इलाके में उसके घर के पास से गिरफ्तार किया था. हत्या का पता तब चला जब दिसंबर में शिकायत दर्ज होने के बाद बंगाल पुलिस की एक टीम आकांक्षा शर्मा की तलाश में भोपाल पहुंची थी.

उदयन दास अपने माता-पिता की इकलौती संतान है. वह रायपुर में उनके साथ रहता था. उसके पिता भेल में नौकरी करते थे, जबकि मां भोपाल में सरकारी विभाग में काम करती थीं. उनके पास रायपुर, दिल्ली और भोपाल में तीन घर थे. माता पिता की मौत होने के बाद भी उदयन उनकी पेंशन फर्जी तरीके से निकाल रहा था.

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