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सरकार ने 78 नए रूट पर उड़ान योजना को मंजूरी दी

   नई दिल्ली

            मोदी सरकार ने 78 नए रूट पर उड़ान योजना को मंजूरी दे दी है. इन रूट पर लोगों को सस्ती दरों पर हवाई यात्रा का मौका मिलेगा.

वाराणसी से बरेली तक को फायदा
इससे देश के सीमांत और खासकर पूर्वोत्तर इलाकों, पहाड़ी इलाकों और द्वीपों पर रहने वाले लोगों को फ्लाइट कनेक्टिविटी मिल पाएगी. जिन नए रूट को मंजूरी दी गई है उनमें गुवाहाटी से तेजू, रुसी, तेजपुर, पसिघाट, मिसा और शिलांग शामिल हैं.

दिल्ली से बरेली, बिलासपुर से भोपाल, कानपुर से मुरादाबाद, अलीगढ़ और चित्रकूट; चित्रकूट से प्रयागराज; श्रावस्ती से कानपुर रूट को भी मंजूरी मिली है. इसके अलावा चंडीगढ़ से हिसार, देहरादून और धर्मशाला रूट को भी मंजूरी दी गई है. इसी तरह वाराणसी से चित्रकूट और श्रावस्ती रूट को भी मंजूरी मिल गई है. लक्षद्वीप के कई द्वीप तक हवाई सेवा को उड़ान 4 के तहत मंजूरी दी गई है.

क्या है उड़ान योजना
सरकार ने छोटे और मंझोले शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए 'उड़े देश का आम नागरिक' (UDAN) नाम से क्षेत्रीय संपर्क योजना की शुरुआत की है. इसके तहत आवंटित रूटों पर फ्लाइट की 50 फीसदी सीटों का किराया, अधिकतम दूरी के अनुसार, सरकार तय करती है. क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की योजना (Regional Connectivity Scheme-RCS) ‘उड़ान’ के तहत देश के दूर-दराज के तमाम हवाई अड्डों और हेलीपैड्स को जोड़ा जा रहा है.

सस्ता होता है किराया
इस योजना के तहत प्रतिवर्ष लगभग 26.5 लाख सीटें उपलब्ध कराई जाएंगी और अधिकतम किराया 2500 रुपए प्रति घंटे की दर से वसूला जाता है. यानी अगर दो शहरों के बीच उड़ान की अवधि एक घंटा तक है तो उनके बीच किराया सिर्फ 2500 रुपये होगा.

उड़ान योजना का अब चौथा चरण UDAN 4.0 शुरू होने जा रहा है. इसी के तहत 78 नए रूट पर कनेक्टिविटी को मंजूरी दी गई है. इसके तहत दूरदराज और पूर्वोत्तर कश्मीर जैसे इलाकों में भी हवाई सेवा शुरू करने के लिए एयरलाइंस को प्रोत्साहित किया जाता है. साथ ही किराया किफायती रखने पर भी जोर दिया जाता है.

अब तक इतने रूट को मंजूरी
अब तक सरकार इस योजना के तहत 766 रूट को मंजूरी दे चुकी है. मोदी सरकार ने साल 2016 में इस योजना की शुरुआत की थी. सरकार इस वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के तहत एयरलाइंस को होने वाले किसी नुकसान की भरपाई के लिए सब्सिडी भी देती है. उड़ान 4 के तहत सरकार को वीजीएफ पर हर महीने 15 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ सकते है.

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