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सुशांत सिंह राजपूत से पहली मुलाकात पर बोले शोएब अख्तर- उनमें ज्यादा आत्मविश्वास नहीं दिखा था

नई दिल्ली 
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह की राजपूत ने तकरीबन 15 दिन पहले मौत हो गई। उन्होंने मुंबई में फांसी लगाकर आत्महत्या की। सुशांत की मौत से क्रिकेटर्स भी हैरान थे। धोनी की बायोपिक 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' की वजह के सुशांत बहुत से क्रिकेटरों के करीब थे। उनकी मौत पर भारतीय क्रिकेटरों के साथ-साथ विदेशी क्रिकेटरों ने भी शोक जताया था। हाल ही में पूर्व पाकिस्तानी पेसर शोएब अख्तर ने भी सुशांत सिंह राजपूत की इस असमायिक मौत को लेकर दुख जताया है। इसके साथ ही उन्होंने सुशांत के साथ मुंबई में अपनी पहली मुलाकात के बारे में भी बताया है। 

शोएब अख्तर ने बताया कि वह 2016 में भारत में सुशांत सिंह राजपूत से मिले थे। पूर्व पेसर को इस बात का अफसोस है कि वह उनसे बात नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, ''मैं सुशांत से 2016 में मुंबई में मिला था,  मैं बस भारत छोड़ने ही वाला था। सच कहूं तो मुझे उस वक्त उनमें आत्मविश्वास नजर नहीं आ रहा था। वह मेरे पास से सिर झुकाकर गुजरे। एक दोस्त ने मुझे बताया कि वह एमएस धोनी फिल्म कर रहे हैं।''
 
अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो में शोएब अख्तर ने आगे कहा, ''मैंने सोचा कि मुझे अब उनकी एक्टिंग देखनी पड़ेगी। वह एक विनम्र पृष्ठभूमि से आए हैं और वह एक अच्छी फिल्म कर रहे हैं। फिल्म सफल हुई, लेकिन मुझे अफसोस है कि मैं उन्हें वहां रोक नहीं पाया और ना ही जिंदगी के बारे में उनसे कुछ बात कर पाया। मैं उनके साथ अपने जीवन के अनुभव साझा कर सकता था। शायद मैं उससे बात कर सकता था, जिस तरह से मैं करता हूं जो उन्हें जीवन में एक व्यापक स्पेक्ट्रम दे सकता था। लेकिन मुझे अफसोस है कि मैं उनसे बात नहीं कर पाया।''

शोएब ने अपने व्यक्तिगत करियर का उदाहरण भी दिया, जब उन्हें वसीम अकरम और वकार यूनुस जैसे दिग्गजों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ी थी। उन्होंने कहा, ''जब मैं क्रिकेट में आया तो वसीम अकरम और वकार यूनिस थे, जो केवल सलमान खान और शाहरुख की तरह थे। इसलिए मुझे खुद का नाम बनाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी।''
 
उन्होंने आगे कहा कि सुशांत को मदद की जरूरत थी और जिंदगी का अंत करना भी कोई ऑप्शन नहीं होना चाहिए। शोएब ने कहा, ''अपने जीवन को समाप्त करना कभी भी एक विकल्प नहीं होना चाहिए। जीवन में असफलता एक एसेट की तरह हैं, लेकिन जब आप जानते हैं कि आपको समस्या हैं तो आपको इस पर चर्चा करनी चाहिए। मुझे लगता है कि सुशांत को भी मदद की जरूरत थी।''
 

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