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सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी चीन की नई साजिश, फिंगर 4 पर कब्जा करने की कोशिश में है चीन

नई दिल्ली 
लद्दाख के पैंगोंग झील क्षेत्र में चीनी सैनिकों की बढ़ती तैनाती को भारतीय सशस्त्र बलों के शीर्ष अधिकारियों की ओर से सबसे बड़ी चिंता के तौर पर पहचान की गई है. पैंगांग झील क्षेत्र का फिंगर 4 टकराव की वो जगह है जहां दोनों पक्ष आंख में आंख डालकर देखने वाली स्थिति में हैं. प्लैनेट लैब्स की ओर से मिलीं सैटेलाइट तस्वीरों का विश्लेषण मिलिट्री सैटेलाइट तस्वीर विशेषज्ञ कर्नल (रिटायर्ड) विनायक भट की ओर से विश्लेषण किया गया. उन्होंने इंगित किया कि चीनी सेना का फिंगर 4 के टॉप पर अहम रिजलाइन्स पर कब्जा हो सकता है, जहां से भारतीय पोजीशन्स पर नजर रखी जा सकती है.

चीनी वाहन, टेंट, बोट्स और पफ टेंट
चीनी वाहनों, तंबू और बोट्स को फिंगर 4 और फिंगर 8 के पूर्वी हिस्से को कवर करने वाली सैटेलाइट तस्वीरों में देखा गया है. लेकिन इंडिया टुडे की ओर से रिव्यू की गई ताजा तस्वीरों से एक चिंताजनक संकेत दिखता है. तस्वीरों से पता चलता है कि चीनी सैनिक छोटे पफ टेंट का उपयोग कर रहे हो सकते हैं. ताकि फिंगर 4 रिजलाइन की टॉप पोजीशन पर पकड़ बनाई रखी जा सके.

कर्नल भट ने नोट किया, "हालांकि, फिंगर 4 की निचली रिजलाइन पर कोई बड़े टेंट नहीं है, लेकिन वहां नए बने भूरे रंग के डगआउट दिखाई देते हैं जो PLA की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले पफ टेंट्स को छिपा सकते हैं". माउंटेन टॉप पर कब्जा माउंटेन वारफेयर में बहुत अहम होता है क्योंकि इस तरह की पोजीशन्स रणनीतिक दृष्टि से बहुत अहम होती है और दूसरे पक्ष के मूवमेंट्स पर बेहतर नजर रखी जा सकती है. इन डग आउट्स की पत्थरों से किलेबंदी की गई है. कर्नल भट के अनुसार "इनका निर्माण पहाड़ों से गिरने वाले पत्थरों से हुआ हो सकता है." फिंगर 4 की ऊपरी रिजलाइन में हरे और सफेद रंग के टेंट हैं, वहां पर भी चीनियों का कब्जा हो सकता है.
  

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