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स्‍वास्‍थ्‍य के लिए सबसे ज्‍यादा फायदेमंद होती है दाल

 

दालें हमारे आहार का एक बड़ा हिस्‍सा मानी जाती हैं। हम सभी को अलग-अलग किस्‍मों की दाल पसंद होती है। दोपहर के समय हम अक्‍सर दाल-चावल या फिर दाल रोटी ही खाना पसंद करते हैं। दाल में सबसे ज्‍यादा प्रोटीन भी पाया जाता है। इनका रोज सेवन करने से हमारे शरीर की ताकत मिलती है और तमाम तरह की बीमारियों से छुटकारा भी मिलता है।

वैसे तो दाल के मामले में हर किसी कि अपनी-अपनी पसंद होती है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि हमें अपनी डाइट में किस किस्‍म की दाल को सबसे ज्‍यादा शामिल करना चाहिए। तो चलिए आज कौन सी दाल कितनी ज्‍यादा फायदेमंद होती है, जिसे हमें अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

डाइट में क्‍यों लेनी चाहिए दाल
दालें प्रोटीन का एक बड़ा स्रोत हैं। इसका मतलब है कि वे उन लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकती हैं, जिन्हें मांस, मछली या डेयरी उत्पाद खाने में परेशानी होती है। दालें आयरन का अच्छा स्रोत हैं। यह एक स्टार्चयुक्त भोजन है। इन्‍हें खाने से शरीर को फाइबर मिलता है, जिससे हृदय रोग और टाइप 2 मधुमेह का खतरा कम होता है।

दाल
भारतीय घरों में चावल या चपातियों के साथ परोसी जाने वाली दाल कई किस्‍म की आती हैं, जैसे- मसूर, उड़द, मूंग और काबुली चला आदि। इनमें प्रोटीन, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन जैसे बी-कॉम्प्लेक्स और आयरन, मैग्नीशियम, जस्ता और कैल्शियम जैसे खनिज अच्‍छी खासी मात्रा में पाए जाते हैं। दालों में फ़्लेवोनोइड जैसे फेनोलिक यौगिक भी होते हैं, जिनमें एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-ट्यूमर गुण होते हैं। यह लो ग्लाइसेमिक इंडेक्‍स और उच्च रक्त शर्करा के स्तर वाले रोगियों के लिए अच्छी होती हैं।

काबुली चना
चिकपीस या गार्बनो बीन्स को काबुली चना के रूप में जाना जाता है, क्योंकि यह मूल रूप से अफगानिस्तान से भारत लाया गया था। काबुली चने में फाइबर, प्रोटीन, विटामिन ए, सी और ई, आवश्यक खनिज पाए जाते हैं। इसके आइसोफ्लेवोन्स हृदय, हड्डियों, मस्तिष्क पर संभावित सुरक्षात्मक प्रभाव डालते हैं और कैंसर को रोक सकते हैं।

काला चना
काला चना या बंगाल, काबुली चना के समान परिवार के हैं, लेकिन दिखने में गहरे और छोटे होते हैं। काला चना को पानी में भिगोकर नरम किया जाता है और इसे सब्‍जी या स्‍प्राउट्स के रूप में खाया जाता है। काला चना के स्वास्थ्य लाभ काबुली चना के समान हैं।

राजमा
राजमा प्रोटीन, आहार फाइबर, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन और खनिजों का एक समृद्ध स्रोत है। इसकी फाइबर सामग्री वजन घटाने में मदद कर सकती है। राजमा में पाए जाने वाले पॉलीफेनोल में कैंसर विरोधी गुण भी होते हैं। यह कब्‍ज की समस्‍या को भी दूर करता है। इसके अलावा, यह मधुमेह की बीमारी को भी ठीक करता है। इसे नियमित खाने से ब्लड शुगर नियंत्रित होता है। राजमा में अघुलनशील फाइबर कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।

मटर
मटर का उपयोग विभिन्न व्यंजनों जैसे करी, दाल और अन्य सूखी सब्जी की तैयारी में किया जाता है। मटर प्रोटीन, विटामिन, खनिज और फाइबर से भरपूर होता है। यह पाचन तंत्र के लिए अच्छे हैं। इनमें ग्लाइसेमिक इंडेक्‍स कम होता है। सफेद मटर के अंदर प्रचुर मात्रा में कोलेस्ट्रॉल कम करने वाला फाइबर होता है। सफेद मटर के अंदर फैट की मात्रा बहुत कम होती है, जबकि इसे प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत माना जाता है।

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