छत्तीसगढ़

हरेली के दिन से गोबर खरीदी होगी शुरू,तैयारियां जारी

रायपुर
छत्तीसगढ़ सरकार की महती गोधन योजना की चर्चा पूरे देश में हो रही है। किसी ने सोंचा भी नहीं था कि गोबर की भी डेढ़ रुपए किलो के भाव पर खरीदी जायेगी वह भी सरकार के मार्फत वहीं इससे तैयार होने वाले वर्मी खाद भी सरकार 8 रुपए किलो के भाव खरीदेगी। गोबर खाद उपज के लिए वरदान साबित होगा। सरकार ने जैसा कि तय किया है,स्वच्छ भारत मिशन और डीएमएफ (जिला खनिज फंड) से जोड़कर गोबर की खरीदी की जाएगी और फिर वर्मी कंपोस्ट खाद बनाई जाएगी। संभवत: इस पूरे मुहिम को अगली कैबिनेट की बैठक में मंजूरी मिल जायेगी।

प्रदेश के लगभग सभी नगरीय निकायों में गोकुलधाम के लिए स्थान आरक्षित किए गए हैं। साथ-साथ शहरी इलाकों में गौठानों का निर्माण भी किया गया है। प्रदेश में अब तक 22 सौ गौठान तैयार हो गए हैं। अगले 15 दिनों में 3000 और बना लिए जाएंगे। इन गौठानों और गोकुलधामों का उपयोग गोबर की प्रोसेसिंग के लिए किया जाएगा।

प्रदेश के 19 हजार गांवों में से हर गांव में 300 से 1000 गाय और भैंसे हैं। इन्हीं का गोबर लोगों से डेढ़ रुपए किलो में खरीदकर इक_ा किया जाएगा। हर व्यक्ति से न्यूनतम 5 किलो गोबर लिया जाएगा। स्व सहायता समूह 45 दिन में गोबर को वर्मी कंपोस्ट में बदल देंगे। साल भर में 45-45 दिनों के 5 चक्र चलेंगे। यह खाद किसान खरीद सकते हैं। सरकारी तौर पर भी इसे सहकारी समितियों, नगरीय निकायों और वन विभाग को 8 रुपए किलो में बेचा जाएगा।

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