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हर मोर्चे पर गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प पर चीन को कड़ा सबक सिखाने की तैयारी 

 
नई दिल्ली 

लद्दाख के गलवान घाटी में चीन की नापाक साजिश के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक्शन में हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प पर चीन को कड़ा जवाब भी दिया. पीएम मोदी ने कहा कि हमने हमेशा से अपने पड़ोसियों के साथ मिलकर काम किया है. हम कभी किसी को भी उकसाते नहीं हैं. लेकिन अपने देश की अखंडता और संप्रभुता के साथ समझौता भी नहीं करते.

चीन के साथ जारी तनाव पर पीएम ने 19 जून को सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है. वहीं, बुधवार देर शाम प्रधानमंत्री आवास पर बैठक हुई, जिसमें रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री शामिल हुए. रक्षा मंत्री ने पीएम मोदी को सैन्य तैयारियों से अवगत कराया.
 
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बातचीत
गलवान घाटी की घटना को लेकर बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी की फोन पर बात हुई. एस जयशंकर ने कहा कि गलवान में जो कुछ भी हुआ वो चीन की प्लानिंग थी. चीन ने जमीनी हालात को बदलने की साजिश की. उसकी मंशा तथ्यों को बदलने की है. वहीं, चीन के विदेश मंत्री ने उल्टे इस घटना के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया.
 
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि गलवान घाटी में स्थिति सामान्य होने पर भारतीय सैनिकों ने LAC को पार किया और हमारे सैनिकों को उकसाया. उन्होंने भारत से घटना की जांच करने की मांग की.

उधर, इस घटना के बाद मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि बस, अब बहुत हुआ. हमें सच जानना है कि आखिर क्या हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आखिर चुप क्यों हैं?

बॉर्डर पर हर खतरे से निपटने के लिए सेना भी तैयार है. जल, थल और वायुसेना को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है. चीनी नौसेना को कड़ा संदेश भेजने के लिए हिंद महासागर क्षेत्र में नौसेना भी अपनी तैनाती बढ़ा रही है.

सेना ने पहले ही अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में LAC के साथ अपने सभी प्रमुख फ्रंट-लाइन ठिकानों पर अतिरिक्त जवानों को रवाना कर दिया है. वायु सेना ने पहले से ही अपने सभी फॉरवर्ड लाइन बेस में LAC और बॉर्डर एरिया पर नजर रखने के लिए अलर्ट स्तर बढ़ा दिया है.

आर्थिक मोर्चे पर सबक सिखाने की तैयारी
सरकार चीन को सबक सिखाने की तैयारी में जुट गई है. बुधवार रात होते-होते सरकार ने चीनी कंपनियों को लेकर फैसला लिया. टेलीकॉम मंत्रालय ने BSNL को चीनी कंपनियों की उपयोगिता को कम करने का निर्देश दिया है. मंत्रालय ने BSNL को निर्देश दिया है कि अपने क्रियान्वयन में चीनी कंपनियों की उपयोगिता को कम करे. अगर कोई बिडिंग है तो उस पर नए सिरे से विचार किया जाए.
 

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