क्रिकेटखेल

1999 में आज ही के दिन जीती हुई बाजी हार गया था साउथ अफ्रीका

नई दिल्ली
क्रिकेट फैन्स के लिए 17 जून का दिन बेहद खास है। 21 साल पहले आज ही के दिन 1999 में वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे रोमांचक मैच खेला गया था। यहां ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका की टीमें बर्मिंगम के मैदान पर विश्व कप के खिताबी मुकाबले में एंट्री के लिए लड़ रही थीं। कंगारू टीम ने साउथ अफ्रीका को 214 रन की चुनौती थी और साउथ अफ्रीका यहां जीत की ओर बढ़ता दिख रहा था।

48वें ओवर की समाप्ति तक मैच अब साउथ अफ्रीका की जद में दिखने लगा था क्योंकि अब उसका स्कोर था 7 विकेट पर 196 रन। लेकिन हारी हुई बाजी पलटने में माहिर ऑस्ट्रेलिया ने यहां से कभी न हार मानने वाला अपना चिरपरिचित अंदाज दिखाया।

क्लूजनर और बाउचर से थी साउथ अफ्रीका को आस
अगली 12 गेंदों में उसे जीत के लिए 18 रन की और दरकार थी और क्रीज पर मार्क बाउचर के साथ लांस क्लूजनर डटे हुए थे। यहां से स्टीव वॉ ने मैच का पासा पलटने के लिए अपना तुरुप का इक्का निकाला और गेंद अपने सबसे भरोसेमंद बोलर ग्लेन मैक्ग्राथ को दी।

ग्लेन मैक्ग्राथ ने कराई कंगारुओं की वापसी
मैक्ग्राथ ने बाउचर को बोल्ड कर दिया। इसके बाद इसी ओवर में स्टीव एलवर्दी रन आउट हो गए। यहां से साउथ अफ्रीका मैच से बाहर होती दिख रही थी। अभी 8 गेंदें बची थीं और जीत के लिए बाकी थे 17 रन। कंगारू टीम शारीरिक भाषा पूरी तरह हावी दिख रही थी।

लांस क्लूजनर ने नहीं मानी हार
हालांकि लांस क्लूजनर ने अभी हार नहीं मानी थी और उन्होंने अब सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली। मैच की 5वीं गेंद पर क्लूजनर ने छक्का जड़ दिया। अब मैच का अंतिम ओवर डेमियन फ्लेमिंग फेंक रहे थे और क्लूजनर ने इस ओवर की पहली ही दो गेंदों पर 2 चौके जड़ डाले।

अंतिम 4 गेंदें और साउथ अफ्रीका को 1 रन की दरकार
यहां से साउथ अफ्रीका के हाथ में बाजी दिख रही थी क्योंकि अब 4 गेंद में उसे 1 रन की दरकार थी। दोनों टीमों का स्कोर बराबरी पर था लेकिन ऑस्ट्रेलिया को अभी भी एक आस थी कि अगर वह अफ्रीकीयों को यह एक रन बनाने से रोक दे तो वह फाइनल में एंट्री कर लेगा।

स्कोर बराबर, स्टीव वॉ ने चली अंतिम चाल
क्लूजनर ने ओवर की तीसरी बॉल को मिडऑन की ओर खेला। लेकिन डेरेन लेहमेन मुस्तैद थे और उन्होंने गेंद को तुरंत फील्ड कर नॉन स्ट्राइक ऐंड पर फेंका। यहां डोनाल्ड क्रीज से बाहर थे और वह रन आउट होने से बाल-बाल बचे। इसके बाद स्टीव वॉ ने अपने सभी फील्डर्स को 30 गज के दायर में बुला लिया।

मैच टाई, फिर भी पस्त हुई साउथ अफ्रीका
अगली गेंद पर क्लूजनर ने मिड ऑफ की ओर शॉट खेला और तुरंत दौड़ पड़े। यहां मार्क वॉ ने चुस्ती दिखाते हुए गेंद को डाइव कर रोका और तुरंत गेंद फ्लेमिंग को दी। फ्लेमिंग ने यह बॉल विकेटकीपर गिलक्रिस्ट की ओर बढ़ा दी। क्लूजनर भले नॉन स्ट्राइक ऐंड पर पहुंच चुके थे लेकिन एलन डॉनाल्ड अपनी क्रीज में ही थे। जब तक माजरा डॉनाल्ड को समझ आता तब तक गिलक्रिस्ट गिल्लियां बिखेर चुके थे और ऑस्ट्रेलिया फाइनल में एंट्री का जश्न मना रहा था। साउथ अफ्रीका का सपना चकनाचूर हो चुका था।

कंगारुओं को बेहतर रनरेट ने दिलाया फाइनल का टिकट
भले यह मैच टाइ था। लेकिन इस टूर्नमेंट में ऑस्ट्रेलिया ने साउथ अफ्रीका को सुपरसिक्स राउंड में हराया था और उनकी रनरेट भी बेहतर थी। इसके चलते यह मैच कंगारू टीम के पाले में गया। ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर यहां अपने दूसरे वर्ल्ड कप खिताब पर कब्जा जमाया।

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