देश

50 आईटीबीपी कंपनियों को LAC पर जल्द भेजा जाएगा

नई दिल्ली

लद्दाख में चीन के साथ लगती सीमा पर तनाव को देखते हुए आंतरिक सुरक्षा और कोविड-19 में तैनात आईटीबीपी के जवानों को अब वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भेजा जाएगा. इस बारे में गृह मंत्रालय जल्द फैसला ले सकता है. सूत्रों के मुताबिक आईटीबीपी की 35 कंपनियां आंतरिक सुरक्षा और कोरोना महामारी से जुड़े अलग-अलग काम में तैनात हैं.

आईटीबीपी के जवानों की LAC पर तैनाती बढ़ाने के साथ ही सरहद पर और ज्यादा चौकसी बढ़ाने की तैयारी है. इससे पहले 15 कंपनियां जो जम्मू-कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा में तैनात थीं, उनको लद्दाख भेजा जा चुका है. सूत्रों के मुताबिक, आंतरिक सुरक्षा में लगी अब कुल 50 आईटीबीपी कंपनियों को LAC पर भेजा जाएगा.

इस बीच आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे मंगलवार को दो दिन के लेह दौरे पर पहुंच रहे हैं. वहां वे एलएसी के मौजूदा हालात का जायजा लेंगे. इसके साथ ही हिंसक झड़प में घायल सैनिकों से मुलाकात कर सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक, मोल्डो में सोमवार को दोनों देश के सैन्य कमांडरों के बीच हुई 11 घंटे की बातचीत में तनाव कम करने पर सहमति बनी, लेकिन तनाव घटाने के लिए दोनों देश की सेना मौजूदा स्थिति से कैसे पीछे हटे, इसका रास्ता निकलना अभी बाकी है. एलएसी से तोपखाना और सैनिक साजो सामान को भी पीछे हटाने पर सहमति बनी है.

सूत्रों के मुताबिक, आईटीबीपी के जवानों ने चीन की हरकत पर नजर रखने के लिए कई जगहों पर LRP (Long range patrolling) और SRP (Short range patrolling) की संख्या बढ़ा दी है. सीमा पर चीन की हर एक हरकत पर नजर रखी जा रही है. बता दें कि भारत-चीन सीमा पर निगहबानी की जिम्मेदारी आईटीबीपी के जिम्मे है.

गलवान में चीन की चालबाजी और धोखेबाजी में भारत के 20 जवान शहीद हो गए. इसके बाद उत्तराखंड, हिमाचल, अरुणाचल और लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर बने सभी 180 से ज्यादा बॉर्डर आउटपोस्ट को अलर्ट कर दिया गया है. हाल ही में ITBP ने लद्दाख में बॉर्डर पोस्ट पर 1500 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की थी.

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