उत्तर प्रदेशराज्य

69 हजार शिक्षक भर्ती परीक्षा में पास कराने के लिए पैसे लेन-देन का वायरल ऑडियो पहुंचा STF के पास

प्रयागराज
69000 सहायक अध्यापक भर्ती की परीक्षा में पास कराने के नाम पर पैसे के लेन-देन का वायरल ऑडियो सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय अनिल भूषण चतुर्वेदी ने मामले की जांच कर रही एसटीएफ के महानिरीक्षक को भेजा है। 16 जून को भेजे पत्र में सचिव ने लिखा है कि 11 मार्च को महानिदेशक स्कूली शिक्षा ने परीक्षा पास कराने के नाम पर पैसे के लेन-देन के व्हाट्सएप पर वायरल ऑडियो संदेश की फोरेंसिक जांच कराते हुए दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आगे की कार्रवाई के लिए 12 मार्च को उन्होंने वायरल ऑडियो की सीडी निदेशक राजकीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ को फोरेंसिक जांच के लिए भेजी गई थी। उसके बाद कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन में इस मामले में पत्राचार नहीं हो सका। लॉकडाउन में छूट मिलने पर कार्यालय खुलने के बाद 11 मई को ई-मेल से निदेशक राजकीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ से फोरेंसिक जांच रिपोर्ट देने का अनुरोध किया गया। जांच रिपोर्ट नहीं मिलने पर फिर 2 जून को ई-मेल एवं रजिस्टर्ड डाक से जांच रिपोर्ट देने का अनुरोध किया गया। इसके बावजूद रिपोर्ट नहीं मिलने पर राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान के एक प्रोफेसर को जांच रिपोर्ट लेने के लिए लखनऊ भेजा गया लेकिन जांच रिपोर्ट नहीं मिली। लिहाजा सचिव ने 16 जून को आईजी एसटीएफ को लिखे पत्र के साथ वायरल ऑडियो संदेश की सीडी भी भेजी है। ताकि इसे भी सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2019 की जांच में समावेशित करते हुए जांच कराएं ।

कई जिलों में छापेमारी
सोरांव पुलिस ने उसकी तलाश में भदोही से लेकर उसके ससुराल तक छापेमारी की थी। इसके बाद एसटीएफ भी भदोही में छापेमारी कर चुकी है। लेकिन मायापति का सुराग नहीं लगा। मुखबिर से शनिवार को सूचना मिली थी कि मायापति दुबे ने जौनपुर जिले में एक जगह शरण ली है। इसी सूचना पर एसटीएफ की एक टीम वहां पर छापेमारी की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इससे पूर्व एसटीएफ ने स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव की तलाश में धूमनगंज, कौशांबी और प्रतापगढ़ जिले में छापेमारी की थी।

रिश्तेदार भी रडार पर 
69000 सहायक शिक्षक भर्ती में मुख्य आरोपी डॉ. कृष्ण लाल पटेल को रिमांड पर लेकर पूछताछ के बाद अब उसके रिश्तेदार भी रडार पर आ गए हैं। पता चला है कि डॉ. पटेल के करीबी रिश्तेदार के खिलाफ सोरांव पुलिस ने पहले ही साक्ष्य एकत्र किए थे, लेकिन कार्रवाई से पहले ही विवेचना ट्रांसफर हो गई। इस प्रकरण में अभी तक एसटीएफ ने किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है। सूत्रों की माने तो सहायक शिक्षक भर्ती में नकल कराने वाले गिरोह का मुख्य आरोपी डॉ. केएल पटेल ने स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव से पेपर आउट कराकर सॉल्वर गैंग से प्रश्नों को सॉल्व कराया था। इसके बाद से दर्जनों अभ्यर्थियों को नकल कराई गई। अभ्यर्थियों को संपर्क में लाना और उनसे रुपए वसूलने की जिम्मेदारी डॉ. पटेल के एक करीबी रिश्तेदार की जिम्मेदारी थी। उस रिश्तेदार के खिलाफ भी सोरांव पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी थी, लेकिन गिरफ्तारी से पहले ही जांच बदल गई।
 

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