भोपालमध्यप्रदेश

900 इंजीनियरिंग और बीएड कालेजों की आनलाइन सुनवाई से तय होगी फीस

भोपाल
प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति को प्रदेश बीएड, बीपीएड, बीएबीएड, बीएससीबीएड, एमएड, एमपीएड कोर्स को संचालित करने वाले करीब 900 कालेजों की फीस निर्धारित करना है। इसके लिए नवनियुक्त अध्यक्ष रविंद्र रामचंद्र कान्हेरे ने आनलाइन सुनवाई करने का निर्णय लिया है। अब जल्द ही फीस तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी।  

फीस कमेटी को एक माह के इंतजार के बाद अपना अध्यक्ष मिल गया है। नवनियुक्त अध्यक्ष कान्हेरे दस जुलाई को अपनी आमद दर्ज कराएंगे। उन्होंने इसके पहले ही अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए उन्होंने कालेज संचालक और निदेशकों को सुरिक्षत रखते हुए आनलाइन सुनवाई कर फीस तय करने का निर्णय लिया है। इसके चलते ओएसडी आलोक चौबे ने भी पूरी तैयारियां जमा दी हैं। सुनवाई के लिए उन्होंने वीडियो कांफे्रंस हाल तक तैयार करा लिया है। इसमें सभी सदस्य कमेटी में बैठकर राज्य के सभी कालेजों से तिथि बार फीस पर आनलाइन जिरह करेंगे। इसके लिए उन्हें अपना शहर छोड़कर फीस कमेटी आने की जरुरत नहीं होगी।

तीन विभागों की फीस होगी तय
फीस कमेटी को उच्च शिक्षा, तकनीकी और चिकित्सा शिक्षा विभाग में आने वाले कालेजों की फीस निर्धारित करना है। इसमें उच्च शिक्षा के 600, चिकित्सा शिक्षा 100 और तकनीकी शिक्षा के 200 कालेज शामिल हैं। फीस कमेटी को सबसे ज्यादा प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग से बीएड कोर्स संचालित करने वाले करीब 500 कालेजों के प्राप्त हुए हैँ।

ऐसी मांग रहे कालेज फीस
62 डीफार्मा कालेजों में से अधिकतम फीस 75 हजार रुपए मांगी गई है। बीफार्मा में 80 हजार तक फीस तय करने के प्रस्ताव दिए गए हैं। इंजीनियरिंग 17 कालेजों ने अपनी फीस यथावत रखने को कहा है। इसके अलावा 23 एमबीए कालेजों ने सबसे ज्यादा फीस 87 हजार 600 रुपए तक मांगी गई है। 23 पीजीडीएम ने अपनी फीस यथावत रखने को कहा है। सात एमटेक कालेज ने 62 हजार रुपए, तीन एमसीए कालेज ने अपनी फीस बढ़कर 65 हजार रुपए मांगी है। इसके अलावा एक फार्माडी कालेज ने सवा लाख रुपए सालाना देने का प्रस्ताव दिया है। एक बीआर्क कालेज ने एक लाख सालाना मांगी है।  

वर्जन
कोरोना संक्रमण को देखते हुए कालेजों की सुनवाई आनलाइन करने का निर्णय लिया है। क्योंकि आज आनलाइन क्लासेस और वेबीनार के साथ सभी कार्य आनलाइन करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे कालेज संचालकों को काफी राहत मिलेगी।
रविंद्र रामचंद्र कान्हेरे, अध्यक्ष, फीस कमेटी

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