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LAC पर बैकफुट पर चीन, हटाई 62 नई पोस्ट, लेकिन अब भी सतर्क है भारतीय सेना

नई दिल्ली
भारत और चीन के बीच बॉर्डर पर करीब दो महीने से जारी तनाव अब कम होता दिख रहा है. सोमवार को खबर आई कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीनी सेना ने गलवान घाटी से अपने टेंट वापस हटा लिए हैं. भारत और चीन के बीच कॉर्प्स कमांडर के लेवल पर हुई बातचीत के बाद इस मसले पर सहमति बनी है. मई के बाद से फिंगर 4 के पास चीनी सेना ने बड़ी संख्या में टेंट लगा लिए थे.

सोमवार को चीनी सेना के बैक ऑफ में ये बातें ध्यान देने वाली हैं..

  • पैंगोंग झील के पास फिंगर 4 में चीनी सेना के पीछे हटने का ये पहला संकेत है.
  • चीन ने अभी यहां से पूरा जमावड़ा नहीं बल्कि कुछ हदतक मौजूदगी हटाई है.
  • चीन ने फिंगर 4 पर अपनी पॉजिशन को कुछ हिस्सों में बांट लिया है.
  • फिंगर 4 के पास चीन ने करीब अपनी 62 नई पोस्ट को हटा लिया है.
  • 10 मई के बाद से चीन ने करीब 300 नई पॉजिशन तैनात कर ली थीं.

सैनिकों के पीछे हटने पर चीनी विदेश मंत्रालय ने भी बयान दिया है. चीनी विदेश मंत्रालय का कहना है कि शांति स्थापित करने के लिए अग्रिम मोर्चे पर कुछ कदम उठाए गए हैं, इनमें सैनिकों को वापस हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई है. चीनी सेना यहां अब अपने टेंट वापस ले जा रही है, कुछ सैनिकों की वापसी हुई है और बॉर्डर से सटाकर जो सैन्य साजो सामान रखा था उसे भी हटाया जा रहा है. पूरी बातचीत की प्रक्रिया के दौरान भारत ने अपने पक्ष में एक ही बात कही थी, जिसमें वह अप्रैल से पहले की स्थिति को लागू करना चाहता है. भारत और चीन के बीच मई की शुरुआत में LAC में तनाव शुरू हुआ था. जब चीनी सेना ने भारत के द्वारा बताई गई LAC को पार कर लिया था और आगे आकर अपना जमावड़ा बढ़ाया था. चीनी सेना पैंगोंग झील के पास तक आ पहुंची थी. इसी मसले को लेकर दोनों देशों की सेनाओं के बीच कई लेवल की बात हुई है. जिसमें कॉर्प्स कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल तक ने आपस में बात की है. दोनों देशों के बीच इस बात पर सहमति बनी थी कि मौजूदा हालात को काबू में लाया जाएगा, बॉर्डर पर जवानों की संख्या कम होगी और चीन मौजूदा जगह से पीछे हटेगा.

हालांकि, अब जब चीन के टेंट पीछे हटने की खबर है. तो भारतीय सेना पूरी तरह से सतर्क है और जबतक वह इस बात की पुष्टि नहीं कर लेती है तबतक चीन की बात पर यकीन नहीं किया जाएगा. इससे पहले भी 6 जून की वार्ता में चीन ने पीछे हटने पर सहमति जारी की थी, लेकिन बाद में 15 जून को दोनों देशों के बीच झड़प हो गई थी और भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे.
 

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